छत्तीसगढ़ :15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय उत्कृष्ट कृषक रत्न सम्मान समारोह’ में हुए शामिल

360 नए धान खरीदी केंद्र खुलने से किसानों को मिलेगी बड़ी सहूलियत, अधिक सुगम होगी धान खरीदी प्रक्रिया

प्रदेशभर से आए प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित

किसानों का परिश्रम ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि का आधार – मुख्यमंत्री श्री साय

सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर, दो वर्षों में लगभग 10 हजार करोड़ रुपए की नई सिंचाई परियोजनाओं की शुरुआत

1,500 पुरानी सिंचाई परियोजनाओं के जीर्णोद्धार के लिए 2,800 करोड़ रुपए स्वीकृत, 76 हजार हेक्टेयर बढ़ेगा सिंचित रकबा

रायपुर 27 :  किसानों की समृद्धि और उनकी आय बढ़ाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन का आधार खेती-किसानी है। अन्नदाता किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले, खेती की लागत कम हो और सिंचाई सहित सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हों, इसके लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के सिविल लाइंस स्थित सर्किट हाउस में श्रद्धेय मनहरण लाल पाण्डेय की जयंती के अवसर पर आयोजित ‘उत्कृष्ट कृषक रत्न सम्मान समारोह’ को संबोधित करते हुए यह बात कही।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रगतिशील किसानों को उत्कृष्ट कृषक रत्न सम्मान से सम्मानित किया और कृषि के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की।

360 नए धान खरीदी केंद्रों से किसानों को मिलेगी बड़ी सुविधा

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष 15 नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ हो रही है। राज्य सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए धान खरीदी व्यवस्था को और सुगम बनाने के लिए 360 नए धान खरीदी केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। नए केंद्र खुलने से किसानों को धान बेचने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और खरीदी केंद्रों पर दबाव भी कम होगा। इससे किसानों के समय और श्रम की बचत होगी तथा धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनेगी।

प्रगतिशील किसानों का सम्मान कृषि क्षेत्र में नवाचार को देगा प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह में प्रदेशभर से आए प्रगतिशील किसानों को सम्मानित करते हुए कहा कि हमारे किसान परंपरागत खेती के साथ नई तकनीक और नवाचारों को अपनाकर कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। ऐसे किसानों का सम्मान अन्य किसानों को भी बेहतर और उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है।

श्रद्धेय मनहरण लाल पाण्डेय का जीवन जनसेवा को था समर्पित

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धेय मनहरण लाल पाण्डेय का पुण्य स्मरण करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि श्री पाण्डेय का संपूर्ण जीवन जनसेवा को समर्पित रहा।

किसान क्रेडिट कार्ड ने किसानों को साहूकारी और महंगे कर्ज से दिलाई राहत

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किसानों की आर्थिक जरूरतों को समझते हुए किसान क्रेडिट कार्ड की शुरुआत की थी। पहले किसानों को खेती के लिए आवश्यक पूंजी जुटाने के लिए महंगे ब्याज पर कर्ज लेना पड़ता था। किसान क्रेडिट कार्ड ने इस स्थिति में बड़ा बदलाव किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान कल्याण को देश की नीतियों में सर्वोच्च प्राथमिकता मिली है। कृषि मंत्रालय का नाम ‘कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय’ किया जाना इस बात का प्रतीक है कि किसानों की समृद्धि सरकार की नीतियों के केंद्र में है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में कृषि अनुसंधान, आधुनिक तकनीक, जैविक खेती और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। कृषि क्षेत्र में नए प्रयोगों और अनुसंधान के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने के साथ खेती की लागत कम करने और किसानों की आय में वृद्धि की दिशा में कार्य हो रहा है।

दो वर्षों में लगभग 10 हजार करोड़ की नई सिंचाई परियोजनाओं की शुरुआत

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खेती की समृद्धि के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार अत्यंत आवश्यक है। राज्य सरकार इस दिशा में तेजी से काम कर रही है। पिछले दो वर्षों में प्रदेश में लगभग 10 हजार करोड़ रुपए की नई सिंचाई परियोजनाओं की शुरुआत की गई है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश की 1,500 पुरानी सिंचाई परियोजनाओं के जीर्णोद्धार के लिए लगभग 2,800 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इन परियोजनाओं का जीर्णोद्धार पूरा होने के बाद प्रदेश के सिंचित रकबे में होगी। इससे बड़ी संख्या में किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलेगी और खेती की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

इस अवसर पर श्री कर्मवीर सिंह, श्री अखिलेश सोनी, श्री नवीन मार्कण्डेय, श्री राम गर्ग, श्री आलोक चंद्र ठाकुर, श्रीमती हर्षिता पाण्डेय, श्री अनुराग पाण्डेय सहित जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक, श्रद्धेय मनहरण लाल पाण्डेय स्मृति संस्थान के सदस्य तथा प्रदेशभर से आए कृषक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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