भविष्य की जरूरतों और आर्थिक विकास की प्राथमिकताओं के अनुरूप हो अधोसंरचना का निर्माण : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री श्री साय ने की मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन की उच्चस्तरीय समीक्षा
योजनाबद्ध पूंजीगत निवेश से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिले नई गति और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं : मुख्यमंत्री श्री साय
बजट प्रावधान से लेकर निर्माण पूरा होने तक प्रत्येक चरण की समय-सीमा हो निर्धारित, गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर न हो समझौता
प्रदेश में दो लेन और चार लेन सड़कों की आवश्यकता का होगा विस्तृत सर्वे, भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार होगा रोड नेटवर्क मास्टर प्लान
निर्माण के साथ नियमित रखरखाव पर भी हो बराबर ध्यान, सार्वजनिक परिसंपत्तियों की बढ़े उपयोगिता और कार्यशील आयु
स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक भवनों की डिजाइन में भविष्य के विस्तार की जरूरतों का भी रखा जाए ध्यान
आधुनिक तकनीक और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को अपनाने के साथ इंजीनियरों के नियमित प्रशिक्षण और कौशल उन्नयन पर जोर
अंजोर विजन 2047’ के अनुरूप टिकाऊ, आधुनिक और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुकूल विकसित होगी प्रदेश की अधोसंरचना

रायपुर 13 मजबूत अधोसंरचना किसी भी राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक और सामाजिक विकास का आधार होती है। छत्तीसगढ़ में सड़क, भवन और अन्य सार्वजनिक अधोसंरचनाओं का निर्माण केवल वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि आने वाले दशकों की जरूरतों, बढ़ती आबादी, औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों और बदलती तकनीक को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए। राज्य में होने वाले प्रत्येक पूंजीगत निवेश का अधिकतम लाभ प्रदेश की अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों तक पहुंचे, यह हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। बैठक में अधोसंरचना विकास के लिए पूंजीगत व्यय की प्राथमिकताएं, परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन, सड़क नेटवर्क का दीर्घकालिक विकास, सार्वजनिक परिसंपत्तियों का रखरखाव, आधुनिक निर्माण तकनीक, विभागीय समन्वय और आगामी कार्ययोजना सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘अंजोर विजन 2047’ के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के दीर्घकालिक लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रही है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में आधुनिक, सुदृढ़ और टिकाऊ अधोसंरचना की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसके लिए पूंजीगत व्यय करने वाले सभी विभागों को अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट करते हुए समन्वित और दीर्घकालिक कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ना होगा।

पूंजीगत निवेश का आर्थिक और सामाजिक प्रभाव हो परियोजनाओं की प्राथमिकता का आधार
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अधोसंरचना पर किया जाने वाला व्यय केवल निर्माण पर होने वाला खर्च नहीं, बल्कि प्रदेश के भविष्य में किया गया निवेश है। इसलिए परियोजनाओं का चयन करते समय यह आकलन किया जाना चाहिए कि संबंधित परियोजना से आवागमन, उद्योग, व्यापार, कृषि, पर्यटन, रोजगार और नागरिक सुविधाओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
बजट से निर्माण तक हर चरण की तय हो समय-सीमा
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसी परियोजना के लिए बजट प्रावधान हो जाने मात्र से उद्देश्य पूरा नहीं होता। बजट में स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना को धरातल पर समय से पूरा करना सबसे महत्वपूर्ण है। परियोजनाओं में देरी से उनकी लागत बढ़ती है और नागरिकों को मिलने वाला लाभ भी विलंबित होता है।
प्रदेश के सड़क नेटवर्क का तैयार हो दीर्घकालिक मास्टर प्लान
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश में सड़क नेटवर्क के सुनियोजित विस्तार की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को राज्यभर में यातायात की मौजूदा स्थिति, बढ़ती आबादी, औद्योगिक विकास, नए आर्थिक केंद्रों और भविष्य में संभावित यातायात दबाव का आकलन करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में किन मार्गों को दो लेन और किन मार्गों को चार लेन करने की आवश्यकता है, इसका विस्तृत सर्वे कराया जाए। इसके आधार पर भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के सड़क नेटवर्क का दीर्घकालिक मास्टर प्लान तैयार किया जाए।
स्कूल-कॉलेज और सार्वजनिक भवनों में भविष्य की जरूरतों का हो प्रावधान
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य सार्वजनिक भवनों की योजना तैयार करते समय केवल वर्तमान जरूरतों का आकलन पर्याप्त नहीं है। आने वाले वर्षों में विद्यार्थियों अथवा उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़ने और नई सुविधाओं की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए भवनों की डिजाइन तैयार की जाए।
आधुनिक तकनीक और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को अपनाए छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्माण कार्यों में आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्री और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अधिकाधिक उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को देश के अन्य राज्यों में अधोसंरचना निर्माण और रखरखाव के क्षेत्र में अपनाई जा रही श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों, नवाचारों और सफल नीतियों का अध्ययन करने के निर्देश दिए।
योजना से रखरखाव तक विकसित होगी एकीकृत डिजिटल व्यवस्था
बैठक में मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन की प्रस्तावित कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। मिशन के माध्यम से प्रदेश में सार्वजनिक अधोसंरचना की योजना, वित्तपोषण, स्वीकृति, खरीद एवं ठेका प्रक्रिया, निर्माण, निगरानी और रखरखाव की व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार लाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
विभाग अलग-अलग नहीं, साझा विकास दृष्टि के साथ करें काम
मुख्यमंत्री श्री साय ने अधोसंरचना विकास से जुड़े सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों की योजनाओं को अलग-अलग दृष्टिकोण से देखने के बजाय प्रदेश की समग्र विकास आवश्यकताओं से जोड़कर कार्य किया जाए।
अधोसंरचना का वास्तविक मूल्य नागरिकों को मिलने वाले लाभ से तय होगा
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकास का आकलन केवल इस आधार पर नहीं होना चाहिए कि कितने किलोमीटर सड़क बनी या कितने भवनों का निर्माण हुआ। वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि उस अधोसंरचना से नागरिकों का जीवन कितना सुगम हुआ, आर्थिक गतिविधियों में कितनी वृद्धि हुई, नए अवसर कितने पैदा हुए और संबंधित क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास को कितनी गति मिली।
बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश बंसल, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
